अगर आप सोचते हैं कि सोलर एनर्जी सिर्फ घरों की छतों तक सीमित है, तो ज़रा किसानों की तरफ देखिए। कप्तान पॉलीप्लास्ट लिमिटेड (Captain Polyplast) ने हाल ही में गुजरात सरकार के साथ एक डील साइन की है जो उसके सोलर बिज़नेस को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकती है।

गुजरात सरकार ने दिया ग्रीन सिग्नल
दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (Dakshin Gujarat Vij Company) ने कप्तान पॉलीप्लास्ट को PM-KUSUM स्कीम के कंपोनेंट-B के तहत वेंडर एम्पैनलमेंट का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) दिया है। इसका मतलब? अब कंपनी गुजरात के किसानों को स्टैंडअलोन सोलर वॉटर पंप सप्लाई करेगी। ये पंप खेतों में बिजली या डीजल पर निर्भरता घटाएँगे, जिससे किसानों की लागत कम होगी और पर्यावरण को फायदा मिलेगा।
PM-KUSUM स्कीम
इस स्कीम का मकसद है भारत के किसानों को सोलर एनर्जी से आत्मनिर्भर बनाना। कंपोनेंट-B खासतौर पर ऑफ-ग्रिड सोलर पंपों पर फोकस करता है। कप्तान पॉलीप्लास्ट का चयन इसलिए अहम है क्योंकि वो पहले से माइक्रो इरिगेशन सिस्टम में लीडर हैं। अब सोलर पंपों का जुड़ाव उनके एग्री-टेक पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगा।
मैनेजमेंट की राय
कंपनी के होल-टाइम डायरेक्टर श्री रितेश खिचड़िया के मुताबिक, “यह एम्पैनलमेंट हमारे सोलर EPC बिज़नेस को बूस्ट देगा और सरकारी प्रोजेक्ट्स से लगातार रेवेन्यू का रास्ता खुलेगा। हमारी मैन्युफैक्चरिंग एक्सपर्टीज से हम इन प्रोजेक्ट्स को बड़े पैमाने पर हैंडल करने में सक्षम हैं।” उन्होंने ये भी कहा कि यह मूव कंपनी की क्रेडिबिलिटी बढ़ाएगी और प्राइवेट सेक्टर में भी नए अवसर खोलेगा।
फाइनेंशियल हाइलाइट्स
पैरामीटर | FY25 परफॉर्मेंस | YoY ग्रोथ |
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नेट सेल्स | ₹287 करोड़ | 2.38% कमी |
ऑपरेटिंग प्रॉफिट | ₹32 करोड़ | स्थिर |
नेट प्रॉफिट | ₹31 करोड़ | 72% की जबरदस्त बढ़त |
मार्केट कैप | ₹449 करोड़ | — |
कंपनी ने पिछले 3 सालों में 90% की CAGR के साथ प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है।
प्रमोटर्स का भरोसा
जून 2025 तक, प्रमोटर्स ने 29 लाख शेयर खरीदकर अपनी हिस्सेदारी 69.52% कर ली है। यह जून 2023 के मुकाबले एक बड़ी छलाँग है। प्रमोटर्स का बढ़ता स्टेक अक्सर कंपनी के भविष्य में उनके विश्वास का संकेत देता है।
शेयर प्राइस
इस साल कप्तान पॉलीप्लास्ट के शेयर ने ₹53 (52-वीक लो) से उछाल मारकर 38% का रिटर्न दिया है। हालाँकि, मार्केट कैप अभी भी ₹449 करोड़ के मिड-लेवल पर है, जो इसे स्मॉल-कैप कैटेगरी में रखता है।
आगे की राह
कप्तान पॉलीप्लास्ट की यह स्ट्रैटेजी साफ दिखती है: माइक्रो इरिगेशन के साथ-साथ सोलर EPC पर फोकस बढ़ाना। सरकारी स्कीम्स जैसे PM-KUSUM से जुड़ाव उन्हें स्थिर ऑर्डर फ्लो दे सकता है। फाइनेंशियल्स में नेट प्रॉफिट का उछाल भी पॉज़िटिव साइन है। हालाँकि, नेट सेल्स में मामूली गिरावट पर नज़र रखने की ज़रूरत है। जैसे-जैसे यह नया ऑर्डर जमीन पर उतरेगा, इन्वेस्टर्स कंपनी की एक्ज़िक्यूशन स्किल्स पर निगाह बनाएँगे।
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