फार्मा और API सेक्टर में किसी भी कंपनी के लिए सबसे बड़ा ऑपरेशनल अपडेट तब होता है, जब नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाए। इसका सीधा मतलब होता है कि कंपनी अब सिर्फ तैयारी के चरण में नहीं, बल्कि बिक्री और रेवेन्यू जनरेशन के मोड में आ चुकी है। इसी तरह की खबर के बाद Syschem India Ltd आज शेयर बाजार में फोकस में आ गई।

शेयर प्राइस में तेज रिएक्शन क्यों दिखा?
बुधवार के ट्रेडिंग सेशन में Syschem India Ltd के शेयरों में जोरदार हलचल देखने को मिली। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹218 करोड़ है। शेयर 10% के अपर सर्किट में पहुंच गया और इंट्राडे में ₹51.70 का हाई बनाया। यह तेजी पिछले बंद भाव ₹47 के मुकाबले आई। बाद में शेयर ₹50 के आसपास ट्रेड करता दिखा, लेकिन पूरे सेशन में स्टॉक पर निवेशकों की नजर बनी रही।
क्या है ताजा अपडेट?
Syschem (India) Limited ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी है कि कंपनी ने अपनी नई और एक्सपैंडेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में 5 January 2026 से कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। कमर्शियल प्रोडक्शन का मतलब होता है कि ट्रायल रन पूरे होने के बाद अब यूनिट से नियमित रूप से बाजार के लिए उत्पादन शुरू हो चुका है।
इससे पहले कंपनी को नई यूनिट लगाने और मौजूदा यूनिट के विस्तार के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी थी।
नई “Ganga” यूनिट क्या बनाएगी?
कंपनी की नई यूनिट “Ganga” हरियाणा के Panchkula जिले के Bargodam इलाके में स्थित है। इस यूनिट की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 600 MT प्रति वर्ष है। यहां पर कंपनी प्रमुख एंटीबायोटिक APIs का निर्माण करेगी, जिनमें Cloxacillin Sodium, Dicloxacillin Sodium और Flucloxacillin Sodium शामिल हैं।
APIs यानी Active Pharmaceutical Ingredients वे मुख्य केमिकल कंपोनेंट होते हैं, जिनसे दवाइयां बनाई जाती हैं। API प्रोडक्शन शुरू होना फार्मा कंपनियों के लिए एक अहम बिजनेस स्टेप माना जाता है।
“Saru” यूनिट के विस्तार का क्या मतलब है?
नई यूनिट के साथ-साथ Syschem ने अपनी मौजूदा “Saru” यूनिट में भी कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। यह यूनिट Amoxicillin के उत्पादन पर फोकस करती है। विस्तार के बाद इसकी क्षमता बढ़कर 1,200 MT प्रति वर्ष हो गई है।
इसका मकसद बढ़ती बाजार मांग को समय पर पूरा करना और कंपनी के एंटीबायोटिक पोर्टफोलियो को मजबूत करना है।
प्रोडक्शन कैपेसिटी एक नजर में
| यूनिट का नाम | मुख्य प्रोडक्ट | क्षमता (MT प्रति वर्ष) |
|---|---|---|
| Ganga | Antibiotic APIs | 600 |
| Saru (Expanded) | Amoxicillin | 1,200 |
यह अपडेट कंपनी के लिए क्यों अहम
नई और एक्सपैंडेड यूनिट्स के शुरू होने से Syschem की कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी। इससे कंपनी घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की मांग को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेगी। साथ ही, बड़े स्केल पर उत्पादन होने से ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार की संभावना रहती है।
कंपनी ने साफ किया है कि यह विस्तार पहले से घोषित योजनाओं के अनुरूप है और इसमें किसी तरह का बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।
हालिया वित्तीय स्थिति
Q2 FY26 में कंपनी की बिक्री ₹103.60 करोड़ रही, जो Q1 FY26 के ₹109.32 करोड़ से कम है। हालांकि, प्रॉफिट के मोर्चे पर स्थिति बेहतर दिखी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर ₹3.30 करोड़ हो गया और नेट प्रॉफिट ₹1.90 करोड़ रहा, जो पिछले क्वार्टर के ₹1.67 करोड़ से ज्यादा है।
निष्कर्ष
Syschem India Ltd के लिए नई और एक्सपैंडेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होना एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल उपलब्धि है। बाजार ने इस अपडेट को सकारात्मक रूप में लिया, जिसकी झलक शेयर के अपर सर्किट में दिखी। आने वाले समय में कंपनी की बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता और API सेगमेंट में प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
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