सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और संस्थागत प्रोजेक्ट्स की रफ्तार NBCC के लिए अहम ड्राइवर बने हुए हैं। इसी कड़ी में NBCC India Ltd को हाल ही में कैनरा बैंक और नवोदय विद्यालय समिति से नए वर्क ऑर्डर मिले हैं, जिससे कंपनी की ऑर्डर बुक और आगे के काम की विज़िबिलिटी मजबूत होती दिख रही है।

शेयर प्राइस रिएक्शन
घोषणा के बाद NBCC के शेयर में हल्की तेजी देखने को मिली। शेयर करीब 2 प्रतिशत चढ़कर ₹122 के आसपास ट्रेड करता दिखा और इंट्राडे में ₹123.75 तक गया। यह मूवमेंट ऐसे समय आई है जब सरकारी PSU शेयरों पर फिर से निवेशकों की नजर बनी हुई है।
खबर को आसान भाषा में समझें
NBCC ने एक्सचेंज को जानकारी दी है कि उसे करीब ₹220.31 करोड़ के कई वर्क ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर कंपनी को उसके रेगुलर बिजनेस के तहत मिले हैं और पूरी तरह घरेलू प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए हैं।
इनमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट कैनरा बैंक से जुड़ा है, जबकि बाकी ऑर्डर नवोदय विद्यालय समिति के हैं। सरल शब्दों में कहें तो NBCC को कॉरपोरेट ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर और एजुकेशनल कैंपस/डॉर्मिटरी निर्माण दोनों से जुड़ा काम मिला है।
मिले हुए ऑर्डर्स का ब्रेकअप
नीचे छोटे टेबल में नए ऑर्डर्स का साफ सार दिया गया है
| क्लाइंट | प्रोजेक्ट | वैल्यू (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| कैनरा बैंक | बेंगलुरु में हेड ऑफिस एनेक्स बिल्डिंग | 163.12 |
| नवोदय विद्यालय समिति | JNV जलना में बॉयज़ डॉर्मिटरी + वार्डन रेसिडेंस | 9.01 |
| नवोदय विद्यालय समिति | JNV मेडक्ल (तेलंगाना) में परमानेंट कैंपस | 48.18 |
| कुल | 220.31 |
यह खबर क्यों मायने रखती है
NBCC का बिजनेस मॉडल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC), EPC और रियल एस्टेट पर आधारित है।
इस तरह के ऑर्डर इसलिए अहम होते हैं क्योंकि
सरकारी और PSU क्लाइंट्स से पेमेंट रिस्क कम रहता है
लंबी अवधि के प्रोजेक्ट्स से रेवेन्यू विज़िबिलिटी मिलती है
एजुकेशन और बैंकिंग जैसे सेक्टर स्थिर डिमांड देते हैं
यानी कंपनी को आने वाले क्वार्टर्स में काम की कमी नहीं दिखती।
ऑर्डर बुक और फाइनेंशियल असर
30 सितंबर 2025 तक NBCC की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक ₹1,28,381 करोड़ की थी। इसमें NBCC स्टैंडअलोन का हिस्सा: ₹1,12,500 करोड़ सब्सिडियरी कंपनियों का योगदान: HSCC, HSCL और NSL
फाइनेंशियल्स की बात करें तो, Q2 FY26 में सेल्स ₹2,391 करोड़ से बढ़कर ₹2,910 करोड़ हो गई। नेट प्रॉफिट 16% बढ़कर ₹157 करोड़ रहा कंपनी लगभग डेट-फ्री है, जिससे बैलेंस शीट मजबूत रहती है
निष्कर्ष
NBCC को मिले नए ऑर्डर यह दिखाते हैं कि सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थागत निर्माण में कंपनी की पकड़ बनी हुई है। बड़ी ऑर्डर बुक, मजबूत ROCE-ROE और कम कर्ज के साथ NBCC का बिजनेस प्रोफाइल स्थिर नजर आता है। यह खबर कंपनी के मौजूदा काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स की दिशा को समझने के लिए अहम मानी जा सकती है, बिना किसी खरीद-बिक्री के निष्कर्ष पर पहुंचे।
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