क्या आप भी उन इन्वेस्टर्स में से हैं जो मार्केट के शेर मुकुल अग्रवाल के पोर्टफोलियो पर नज़र रखते हैं? अगर हाँ, तो ये खबर आपके लिए है। जून 2025 तक के डाटा के मुताबिक, इस पटना के इन्वेस्टमेंट गुरु ने 2 नए स्टॉक्स में फ्रेश एंट्री ली है। चलिए जानते हैं कौन सी कंपनियाँ हैं जिन्हें अग्रवाल जैसे शार्प माइंड ने चुना।

मुकुल अग्रवाल कौन हैं?
बिहार के रहने वाले मुकुल अग्रवाल छोटे और मिड-कैप स्टॉक्स में पैसा लगाने के लिए मशहूर हैं। इनकी खासियत है मल्टी-बैगर स्टॉक्स को शुरुआत में ही पकड़ लेना। फिलहाल, ये 64 से ज़्यादा कंपनियों में ₹7,751 करोड़ से भी ज़्यादा की हिस्सेदारी रखते हैं। रिटेल इन्वेस्टर्स और एक्सपर्ट्स अक्सर इनके पोर्टफोलियो को ट्रैक करते हैं।
Q1FY26 में ये 2 स्टॉक्स आए नज़र
अग्रवाल ने इस क्वार्टर में सार्डा एनर्जी एंड मिनरल्स और वेंड्ट (इंडिया) में नई पोजीशन बनाई। इन कंपनियों का बेसिक डिटेल समझिए:
पैरामीटर | सार्डा एनर्जी एंड मिनरल्स | वेंड्ट (इंडिया) |
---|---|---|
मार्केट कैप | ₹15,884 करोड़ | ₹1,973 करोड़ |
करंट शेयर प्राइस | ₹451 | ₹9,865 |
अग्रवाल की हिस्सेदारी | 1.1% (40 लाख शेयर्स) | 2.5% (50,000 शेयर्स) |
रेवेन्यू (आखिरी क्वार्टर) | ₹1,239 करोड़ (Q4FY25) | ₹52.17 करोड़ (Q1FY26) |
नेट प्रॉफिट (आखिरी क्वार्टर) | ₹100 करोड़ (Q4FY25) | ₹3.78 करोड़ (Q1FY26) |
सार्डा एनर्जी: स्टील से लेकर पावर तक
यह कंपनी मुख्य रूप से स्टील, फेरो एलॉयज और पावर जनरेशन का काम करती है। स्पंज आयरन, बिलेट्स और हाइड्रोपावर जैसे प्रोडक्ट्स इसकी स्पेशियलिटी हैं। Q4FY25 में कंपनी ने ₹100 करोड़ का प्रॉफिट दिखाया था। शेयर की कीमतें हाल में थोड़ी सॉफ्ट रही हैं, लेकिन अग्रवाल ने इसमें 40 लाख शेयर्स खरीदकर बड़ा कॉन्फिडेंस दिखाया है।
वेंड्ट इंडिया: प्रेसिजन ग्राइंडिंग का एक्सपर्ट
इस कंपनी का फोकस सुपर एब्रेसिव्स और हाई-एंड ग्राइंडिंग मशीनों पर है। ऑटोमोटिव और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इसकी डिमांड अच्छी रहती है। Q1FY26 में वेंड्ट ने ₹3.78 करोड़ का प्रॉफिट कमाया। हालाँकि शेयर प्राइस में हाल में करीब 6.5% की गिरावट आई, पर अग्रवाल ने इस डिप में 50,000 शेयर्स उठाए।
क्या है इन्वेस्टमेंट का मैजिक?
अग्रवाल अक्सर ऐसी कंपनियों में निवेश करते हैं जिनकी ग्रोथ स्टोरी अंडरवैल्यूड होती है। सार्डा एनर्जी जैसी कंपनी मेटल्स और इन्फ्रा सेक्टर से जुड़ी है, जहाँ सरकारी खर्चे से ग्रोथ की उम्मीद रहती है। वहीं, वेंड्ट जैसी स्मॉल कैप कंपनी मेक इन इंडिया और मैन्युफैक्चरिंग बूम से फायदा उठा सकती है। दोनों ही कंपनियों में अग्रवाल का एंट्री प्राइस काफी अट्रैक्टिव है।
निवेशकों के लिए क्या?
मुकुल अग्रवाल का पोर्टफोलियो बताता है कि वो फंडामेंटल स्ट्रॉन्ग कंपनियों को डाउन मार्केट में खरीदना पसंद करते हैं। हालाँकि, यहाँ ध्यान रखें कि बड़े निवेशकों का पोर्टफोलियो देखकर कोई स्टॉक न खरीदें। रिसर्च करें, रिस्क कैपेसिटी समझें और लॉन्ग-टर्म व्यू रखें। आखिर में, याद रखें – मार्केट में कोई शॉर्टकट नहीं होता, बस स्मार्ट होमवर्क होता है!
Disclaimer: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि "Finance Fiber" की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श करें। निवेश में जोखिम होता है और सही जानकारी के बिना निर्णय लेना हानिकारक हो सकता है।
1 thought on “चुपके से मार्केट गुरू Mukul Agrawal ने Q1 में खरीदा इन 2 Stocks को, जाने दोनो के नाम”